खामोशी अब कान्हा की..

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समझने लगी हूं..

खामोशी अब कान्हा की मैं.. ,

पढ़ने लगी हूं..

आंसू अब राधा के मैं..

एक खामोशी  से सह गया..

एक आंसुओं  में बह गया..

मुकम्मल  मोहब्बत का किस्सा

यूं अधूरा  रह गया..

जय श्री राधे कृष्णा

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